नई दिल्ली: मकर संक्रांति से पहले वाराणसी का मशहूर औरंगाबाद पतंग बाजार ग्राहकों से गुलजार है। रंग-बिरंगी पतंगों और अलग-अलग डिज़ाइन की भरमार ने बाजार में रौनक बढ़ा दी है।
इस साल बाजार में चाइनीज मांझे की जगह बरेली, गुजरात और जयपुर से आए पारंपरिक और सुरक्षित सूती मांझे की भारी मांग देखी जा रही है। दुकानदारों का कहना है कि चाइनीज मांझे के बहिष्कार के बावजूद ग्राहकों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है।
वहीं ग्राहक भी पतंगबाजी में पारंपरिक मांझे के इस्तेमाल को लेकर उत्सुक हैं। मकर संक्रांति पर होने वाली पतंगबाजी इस पर्व को और भी रंगीन बना देती है।
